देश के घाटे का स्तर बना नया रिकॉर्ड, Economy के लिए बेहद बुरी खबर

Economy Downfall: देश की इकनोमिक स्थिति को लेकर बुरी खबर सामने आई है। बीते जून के महीने में बिज़नेस लॉस का स्तर 26.18 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। जिसका साफ़ तौर पर मतलब यह है कि बीते महीने देश से निर्यात कम और आयात ज्यादा हुआ है। जिस कारण से विदेशी मुद्रा भंडार भरने की बजाए ज्यादा खाली हुआ, जोकि देश की इकॉनमी के लिए ठीक नहीं है। मालूम हो कि जून के अंतिम सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 5.008 से अरब डॉलर घटकर 588.314 अरब डॉलर हो गया था।

कुछ ऐसे हैं आंकड़े

जून के महीने में सामानों का निर्यात 23.52% से बढ़कर 40.13 अरब डॉलर हुआ। वहीं, सामान का आयात सालाना आधार पर 57.55 प्रतिशत के उछाल के साथ 66.31 अरब डॉलर हो गया। जिसकी वजह से व्यापार घाटा यानी बिज़नेस लॉस बढ़कर रिकॉर्ड 26.18 अरब डॉलर हो गया है। बता दें जून, 2021 में व्यापार घाटा 9.60 अरब डॉलर दर्ज़ किया गया।

तिमाही आधार पर क्या है हाल

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही अप्रैल-जून में निर्यात 24.51% बढ़कर 118.96 अरब डॉलर दर्ज़ किया गया। वहीं इस तिमाही के दौरान आयात 49.47% की बढ़ोतरी के साथ 189.76 अरब डॉलर पर पहुंच गया । यानी वित्त वर्ष की पहली तिमाही में व्यापार घाटा दर्ज़ किया गया जो 31.42 अरब डॉलर से बढ़कर अब 70.80 अरब डॉलर हो गया।

इस मामले पर वित्त मंत्रालय द्वारा जारी मासिक आर्थिक समीक्षा (एमईआर) में बताया गया है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान चालू खाता घाटे (सीएडी) में इजाफा दर्ज़ किया जा सकता है। मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव और सुस्त व्यापारिक निर्यात के बीच महंगा खाद्य और ऊर्जा वस्तुओं के कारणों से आयात बिल में इज़ाफ़ा दर्ज़ किया जा रहा है। इस वजह से चालू खाता घाटा बढ़ने की आशंका है।

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