Service Charges in Hotels : सर्विस चार्ज को लेकर होटल-रेस्तरां को बड़ी राहत, टला सरकार का फैसला

Service Charges in Hotels: दिल्ली High Court ने होटल और रेस्तरां द्वारा लगाए जाने वाले सर्विस चार्ज पर लगी रोक मामले में केंद्र सरकार को झटका दिया है। मालूम हो बीते दिनों केंद्र सरकार द्वारा सर्विस चार्ज की वसूली पर रोक लगाई थी। जिसके बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस फैसले पर ही रोक लगा दी है। 20 जुलाई यानि बुधवार को न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने नेशनल रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) और फेडरेशन ऑफ होटल्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर विचार करने की जरूरत है। जिसके बादउन्होंने अधिकारियों को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। तब तक इस फैसले को अदालत ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए 25 नवंबर को सूचीबद्ध किया है।

जाने पूरा मामला दरअसल, केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने 4 जुलाई को होटल और रेस्तरांओं को खाने के बिल में स्वत: लगने वाला सर्विस चार्ज जोड़ने से रोक दिया था। इस फैसले पर सीसीपीए के मुख्य आयुक्त ने दिशानिर्देश में स्पष्ट तौर पर कहा था कि ‘कोई भी होटल या रेस्तरां बिल में अपने-आप सर्विस चार्ज नहीं जोड़ेंगे। इसके साथ ही किसी अन्य नाम से भी सेवा शुल्क नहीं वसूला जाएगा।’

इस फैसले के दिशानिर्देश में कहा गया था कि ‘ग्राहक चाहे तो सेवा शुल्क दे सकते हैं। यह पूरी तरह से स्वैच्छिक, वैकल्पिक और उपभोक्ता के विवेक पर निर्भर करेगा।’ हालाँकि रेस्तरां और होटल आमतौर पर खाने के बिल पर 10 प्रतिशत सेवा शुल्क लेते हैं।

कर सकते हैं शिकायत भी मालूम हो की इस फैसले के दिशानिर्देश में कहा गया था कि ‘यदि कोई उपभोक्ता यह पाता है कि होटल या रेस्तरां सर्विस चार्ज वसूल रहे हैं, तो वह संबंधित इकाई से इसे बिल राशि से हटाने का अनुरोध कर सकता है। जरूरत पड़ने पर ग्राहक, राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) नंबर 1915 पर कॉल करके या एनसीएच मोबाइल ऐप के जरिये भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।’

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