आयुष मंत्रालय का बिहार को तोहफ़ा- खोले जाएंगे 700 हेल्थ एंड वेलनेस सेन्टर-जानिए

health and wellness centre

हाल ही में बिहार के राज्य स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में आयुर्वेद,होम्योपैथिक एवं यूनानी चिकित्सा पद्धति का विकास एवं विस्तार बिहार सरकार द्वारा किया जा रहा है। इस संबंध में बिहार में 700 नए आयुष हेल्थ एवं वैलनेस सेंटर स्थापित किए जाएंगे।700 केंद्रों के खुलने एवं इसका संचालन सही तरीके से होने के बाद राज्य के लोगों को स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से काफी सहूलियत होगी।

2014 में आयुष विभाग को बना दिया गया था आयुष मंत्रालय राज्य स्वास्थ्य विभाग के द्वारा लिया गया निर्णय आयुष मंत्रालय द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के आधार पर लिया गया है। आयुष मंत्रालय भारत सरकार का एक सरकारी अंग है । जिसका पूरा नाम है आयुर्वेद,योग,प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी और होम्योपैथी।9 नवंबर 2014 को आयुष विभाग को विस्तृत करके आयुष मंत्रालय बना दिया गया था।

वैलनेस सेन्टर पर न सिर्फ दवाइयां बल्कि योग प्रशिक्षण भी दिया जाएगा भारत के पास आरोग्य यहाँ की सबसे महान विरासतो में से एक है। साथ ही यहां की संस्कृति का हिस्सा भी है।योग और आयुर्वेद की महत्वता को तो करोना काल में पूरे विश्व में माना गया। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को जानकारी देने व सुलभ सहायता के उद्देश्य से बिहार में 700 नए आयुष हेल्थ एवं वैलनेस सेंटर स्थापित किए जाएंगे।यहां पर बीमारियों की प्रकृति को जांच कर के मरीज को आयुष के अंतर्गत आने वाली दवाइयां भी दी जाएंगी। इन केंद्रों पर महिला एवं पुरुष योग गुरुओं के द्वारा योग प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। केंद्र के परिसर में औषधीय पौधे लगाए जाएंगे तथा लोगों को भी प्रेरित किया जाएगा कि वह भी अपने घर में औषधीय पौधे जितना संभव हो सके लगाएं एवं जरूरत पड़ने पर प्रयोग भी करें।

बंद हुए 3 आयुर्वेद कॉलेज को भी शुरू करने की कवायद,जल्द होगी अस्सिटेंट प्रोफेसर की बहाली वर्तमान में राज्य में 40 आयुष स्वास्थ्य व आरोग्य केंद्र है जिसके संचालन से ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को काफी सुविधा मिलती है।इसके साथ ही साथ तीन आयुर्वेदिक कॉलेज क्रमशः बक्सर, दरभंगा और भागलपुर में भी है जो कि फिलहाल बंद है, लेकिन इन्हें भी फिर से शुरू किए जाने की कवायद काफी सक्रियता के साथ काम कर रही है।कॉलेज के शुरू होते ही बीपीएससी को 87 असिस्टेंट प्रोफेसर की वैकेंसी जो की परमानेंट नियुक्ति होगी का प्रस्ताव भेज दिया गया है। राज्य आयुष मंत्रालय के अनुसार सामान्य प्रशासन विभाग के माध्यम से नियुक्ति का प्रस्ताव भेजा गया है जिसकी नियुक्ति प्रक्रिया भी आयोग काफी जल्दी पूरी कर देगा।

इन कॉलेज के शुरू हो जाने से तथा 700 वैलनेस सेंटर के खुल जाने के बाद से व सुचारू तरीके से कार्य की शुरुआत हो जाने के बाद बिहार का एक बड़ा ग्रामीण तबका है जिसकी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार होने की काफी उम्मीदें हैं। जो साफ तौर पर बिहार के ग्रोथ को भी प्रभावित करेगा।

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