श्रीलंका के बाद नेपाल में छा रहा आर्थिक संकट, बिहार की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा इसका काफी प्रभाव

Nepal Economics

पिछले कुछ महीनों से भारत का पड़ोसी देश श्रीलंका भयंकर वित्तिय संकट को झेल रहा है। जिस वजह से आंतरिक राजनीतिक उथल-पुथल पूरे श्री लंका में फैली गई है ।और अब इसी तरह के लक्षण बिहार की सीमा से लगे एकमात्र देश नेपाल के भी नजर आ रहे हैं। नेपाल में आर्थिक संकट उभरकर सामने आ रहा है। नेपाल की सरकार ने तो अपनी केंद्रीय बैंक के गवर्नर महाप्रसाद अधिकारी को भी सस्पेंड कर दिया है। हालांकि देश में आंतरिक युद्ध ना छिड़े। जनता में शांति रहे। इसलिए लगातार नेपाल सरकार और वित्त मंत्री सांत्वना दे रही कि परिस्थितियां ठीक है।लेकिन ऐसा है नहीं।

10 से भी ज्यादा सामग्री के आयात पर प्रतिबंध, बिहार में दिखेगा असर पिछले 20 दिनों से नेपाल में आर्थिक संकट और गहराने लगा है। पेट्रोल-डीजल सरसों तेल सब के मूल्यों में बेतहाशा वृद्धि इन दिनों होती जा रही है। सरसों तेल की कीमत में अचानक से बढ़ोतरी ₹300 प्रत्येक 15 लीटर के डिब्बे में हुई है। वही नेपाल सरकार ने कुछ पैक्ड रेडीमेड फूड आइटम्स,खिलौने, लेस,कुरकुरे जैसे अन्य सामानों के आयात पर अगले 2 महीने तक प्रतिबंध लगा दिया है। विदेशी मुद्रा की भारी कमी को देखते हुए नेपाल की कैबिनेट ने ऐसा फैसला लिया है। कुछ खास वस्तु है जिनके आयात पर नेपाल सरकार ने प्रतिबंध लगाया है। जिसका असर उत्तर बिहार में भी देखने को मिलेगा जैसे कुरकुर, लैस, सभी रेडी मेड फूड आइटम्स, विदेशी मदिरा, विदेशी सिगरेट ,तंबाकू, गुटखा हीरा ,$600 से अधिक का मोबाइल सेट, 32 इंच का टीवी सेट, 250सी सी से अधिक क्षमता की मोटरसाइकिल इसके अलावा भी अन्य कई सामान है जिनके आयात पर महीने के लिए रोक लगा दी गई है।

बिहार से सटे जिलों से बढ़ सकती है तस्करी संबंधी गतिविधिया नेपाल सरकार द्वारा दी गई इस जानकारी के बाद ही भारत से तस्करी की संभावना बढ़ सकती है। बिहार के कुल जिले जो कि नेपाल से सटे हैं। जैसे मधुबनी का जयनगर, सीतामढ़ी का बैरगनिया और पूर्वांचल का रक्सौल बॉर्डर इन जगहों पर अचानक से नेपाली नागरिकों की भीड़ बढ़ने लगी है। बाजार काफी भीड़ भाड़ जैसा रहने लगा है। संभवतः यह इस बात का इशारा हो सकता है कि बिहार की तरफ से तस्करी बढ़ सकती है। वहीं सामान का आयात बंद होने से बिहार संचालित स्नेक्स की फैक्ट्रियों के टर्नओवर में काफी ज्यादा असर देखने को मिलेगा क्योकि काफी मात्रा में स्नैक्स मुजफ्फरपुर की फैक्ट्री से नेपालभेजा जाता रहा है।

नेपाल के प्रधानमंत्री ने मांगी है चीन और भारत से मदद हाल ही में नेपाल के प्रधानमंत्री बहादुर देउबा भारत आए थे। भारत मे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हुई। साथ ही कई सारे मुद्दों पर चर्चा हुई और दोनों देशों के बीच में कई सारे समझौते पर हस्ताक्षर हुए। इससे पूर्व चीन के विदेश मंत्री वांग यी से भी नेपाल के प्रधानमंत्री ने काठमांडू में मुलाकात कर आर्थिक मदद अनुदान के तौर पर मांगी थी।

पिछले 67 महीनों में सबसे ज्यादा हुई महगाई की दर नेपाल के बारे में बताया जा रहा है कि अचानक से महंगाई दर 7.14% हो गई है जो पिछले 67 महीनों में सबसे ज्यादा है। रूस यूक्रेन युद्ध की वजह से पेट्रोलियम उत्पाद का आयात बड़ा है। कीमतों पर होने से दवाइयों से लेकर सभी खाने-पीने की चीजें महंगी हो गई है। 8 महीने में विदेश में विदेशी मुद्रा के भंडार में 17 फ़ीसदी की गिरावट दर्ज की गई है ।नेपाल में पर्यटन आय का अहम स्रोत रहा है जोकि कॉविड के बाद से काफी बड़े स्तर पर प्रभावित हुआ है जिससे अर्थव्यवस्था को काफी क्षति पहुंची है।

ऐसी आर्थिक स्थिति से निपटने के लिए नेपाल सरकार ने रणनीति बना ली है। कुछ कड़े कदम भी उठाए हैं जैसे पेट्रोलियम पदार्थों का आयात पर नियंत्रण, केंद्रीय बैंक ने नागरिकों को लोन देना बंद कर दिया है ।साथ ही सरकारी वाहनों के परिचालन पर भी रोक लगा दी गई है। नेपाल सरकार लगातार इस कोशिश में है कि किसी तरह से इसी स्टेज पर अर्थव्यवस्था में सुधार लिया जाए ताकि भविष्य में गंभीर स्थितियों का सामना ना करना पड़े।

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