आखिर 100 के नोट पर कितनी भाषाएं लिखी होती हैं-इन भाषाओँ के छापने का कारण क्या है ?

पैसा किसे नहीं चाहिए होता है, भला। हमारे पास जितना पैसा हो उतना कम है क्योंकि दुनियाभर का हर काम बिना पैसे के किया ही नहीं जा सकता है। हालांकि, एक दिन ऐसा भी आया था जब हमारे पास पैसे होते हुए भी कुछ खरीद नहीं पा रहे थे। जी हां, 8 नवंबर 2016 का दिन किसे याद नहीं है भला….यह वो दिन है जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये कहा था कि काला धन हटाने के लिए 500 और 1000 रुपए के पुराने नोटों को भारतीय करेंसी सिस्टम से हटाया जा रहा है।

इसके बाद, पुराने नोट बंद हो गए और देश में नई करेंसी आई जिसका कलर, डिजाइन काफी अलग है। मगर क्‍या आपने कितनी बार अपने नए नोटों को बहुत ध्‍यान से देखा है? नोट पर क्‍या-क्‍या लिखा होता है…कभी आपने जानने की कोशिश की है कि इसपर गांधी की तस्वीर के अलावा क्या-क्या छपा होता है? इस पर कितनी भाषाएं हैं और वो भाषाएं क्‍यों हैं? अगर नहीं तो चलिए हम आपको बताते हैं कि भारतीय 100 रुपए के नोट पर कितनी भाषाएं लिखी होती हैं और इसके पीछे की क्या वजह रही होंगी।

100 रुपए के नोट पर कितनी भाषाएं होती हैं? आरबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय करेंसी पर लगभग 15 भाषाएं लिखी होती हैं। चाहे वह नोट 100 रुपए का हो, 500 रुपए का हो, 2000 रुपए का हो या 50 रुपए का हो। सभी भारतीय नोटों पर 15 भाषाएं ही लिखी होती है।

ऐसा इसलिए क्योंकि हमारे देश में तरह-तरह भाषाएं बोली जाती हैं। ऐसे में भारतीय करेंसी पर सिर्फ हिंदी को प्राथमिकता देना लाजमी नहीं है। इसलिए नोट पर हर भाषाओं को शामिल करने की कोशिश की गई है ताकि किसी को पढ़ने में परेशानी न हो।

कितनी भाषाओं को किया गया है शामिल?

नोट पर सिर्फ हिंदी या अंग्रेजी नहीं बल्कि समी, बंगाली, गुजराती, कन्‍नड़, कश्‍मीरी, कोंकणी, मलयालम, मराठी, नेपाली, उड़‍िया, पंजाबी, संस्‍कृति, तमिल, तेलगु और उर्दू आदि भी भाषाएं भी शामिल की गई हैं। साथ ही, नोट पर नंबर से भी करेंसी के अंक लिखे होते हैं।

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि 2000 रुपए के नोटपर ब्रेल लिपि भी छपी होती है जिससे उन लोगों को भी आसानी हो जाती है जो देख नहीं सकते हैं।

नोट पर क्या लिखा होता है?

हर एक नोट की अपनी अलग वैल्यू होती है। देश में मौजूद नोटों के मूल्यों का जिम्मेदार आरबीआई गवर्नरहोता है, जिसमें कथन लिखा होता है जैसे- अगर आपके पास 100 रुपए का नोट है, तो इसका मतलब यह है कि आरबीआई के पास आपके 100 रुपए का सोना रिज़र्व है। ऐसा ही कुछ तमाम नोटों पर लिखा होता है, जिसमें हम अपने ग्राहक को पैसे अदा करने की गारंटी देते हैं।

साथ ही, नोट पर प्रिंट करने का सन, गांधी की तस्वीर, आरबीआई का नाम और एक तस्वीर बनी होती है, जो नोट के आधार पर बदलती रहती है।

100 के नोट के पीछे किसका चित्र अंकित है?
चलिए भाषाओं के बारे में आपको मालूम हो गया होगा, लेकिन क्या आपको पता है कि नोट के पीछे किसका चित्र अंकित है? अगर नहीं तो आपको बता दें कि इसके पीछे ‘रानी की बाव’ की तस्वीर छपी है। यह गुजरात के पाटन में स्थित है, जिसे गुजराती में बाव भी कहते हैं। बता दें कि इस बावड़ी का निर्माण सोलंकी वंश की रानी उदयामति ने अपने पति भीमदेव प्रथम के लिए करवाया था।

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