बेगूसराय के लिए गौरान्वित क्षण: स्वच्छ विद्यालय पुरुस्कार के लिए हुआ 3 विद्यालयो का चयन, साथ ही मिली 5 स्टार की रेटिंग, किया जाएगा सम्मानित

Badlapura Upgraded High School

शिक्षा विभाग के निर्देश पर बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा राज्य स्तर पर सरकारी स्कूलों के बीच स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार का आयोजन किया जाता है। विद्यालय को स्वच्छ बनाए रखने तथा स्कूलों के बेहतर संचालन के लिए स्कूलों को सरकार की ओर से हर साल विद्यालय अनुदान की राशि देकर प्रोत्साहित भी किया जाता है। इस वर्ष स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के लिए राज्य से 125 स्कूलों को चयनित किया गया है।

वहीं शिक्षा विभाग ने 26 स्कूलों का चयन कर उन्हें फाइव स्टार की रेटिंग दी है। वहीं 38 स्कूलों को 4 स्टार रेटिंग दी गई है। 5 स्टार के रेटिंग वाले स्कूलों के प्राचार्य को 5 मई अर्थात आज ही शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार के तौर पर ₹50 का इनाम दिया जाएगा एवं 4 स्टार की रेटिंग वाले स्कूलों को जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। इस से नीचे की रेटिंग वाले स्कूल को सम्मानित किया जाएगा।

मटिहानी प्रखंड के बदलपूरा उत्क्रमित उच्च विद्यालय को मिली 5 स्टार की रेटिंग बेगूसराय के लिए काफी गर्व की बात है कि यहां के 3 विद्यालयों का चयन स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार हेतु किया गया है। जिनके प्राचार्य को आज सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही साथ उत्क्रमित हाई स्कूल बदलपुरा को फाइव स्टार की रेटिंग के साथ 100 में से 100 प्राप्तांक भी मिले हैं। यह काफी अचरज और अद्भुत बात की बेगूसराय के इन स्कूलों में जहाँ एक भी सफाई कर्मी नहीं है। इसके बावजूद भी ने स्कूलों को स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार मिला है।

इतने बड़े सम्मान का इस तरह के अभाव की स्थिति में मिलने का पूरा श्रेय सिर्फ और सिर्फ विद्यालय के प्राचार्य ,शिक्षक गण, विद्यार्थी और विद्यालय प्रबंधन को जाता है। खास करके इसमें विद्यालय प्राचार्य की भूमिका अत्यंत ही सराहनीय है। चयनित हुए विद्यालयों में मटिहानी प्रखंड का अंतर्गत उत्क्रमित उच्च विद्यालय बदलपुरा, साहेबपुरकमाल प्रखंड क्षेत्र का आदर्श मध्य विद्यालय तरबन्ना तथा मध्य विद्यालय बीहट का चयन हुआ है। सभी विद्यालयों के प्राचार्य ,शिक्षक ,कर्मचारी तथा विद्यार्थियों के अभूतपूर्व योगदान का ही नतीजा है जो बेगूसराय को गौरवान्वित होने का मौका मिला।

कई स्तर पर मूल्यांकन के बाद होता है विद्यालयों का चयन स्वच्छ विद्यालय पुरुस्कार के लिए खास बिंदुओं को आधार बनाकर विद्यालयों का चयन किया जाता है। जैसे पर्याप्त साफ जल की व्यवस्था ,छात्र छात्राओं के लिए समुचित शौचालय ,परिचालन एवं रखरखाव ,नियमित क्षमता संवर्धन, सामुदायिक सहभागिता एवं सहयोगी तंत्र इसके अलावा भी अन्य कई तथ्यों को केंद्र में रखकर विद्यालयों का चयन किया गया। विद्यालयों का पहला मूल्यांकन जून से जुलाई में तथा दूसरा मूल्यांकन नवंबर से दिसंबर तक हुआ तथा प्रखंड स्तरीय सत्यापन 21 से 31 दिसंबर तक किया गया। उसके बाद इन स्कूलों को चयनित किया गया है।चयनित किए गए स्कूलों में सबसे ज्यादा पटना, गया और पश्चिम चंपारण के स्कूल रहे हैं। वहीं अरवल ,औरंगाबाद, बांका, भागलपुर, बक्सर, दरभंगा, जहानाबाद ,नालंदा ,सहरसा ,सुपौल के एक भी स्कूल का चयन नहीं हो पाया है।

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